5 Fingers Name in Hindi and English | उंगलियों के नाम हिंदी में अंग्रेजी में

नमस्कार दोस्तों! आज हम इस लेख में सीखेंगे उंगलियों के नाम हिंदी और अंग्रेजी में क्या कहते है। यहाँ पर हमने Fingers Name in Hindi and English की पूरी सूचि आपके लिए बनाई है। जिसकी सहायता से आप उंगलियों के नाम हिंदी इंग्लिश में आसानी से सिख सकते है।

Fingers Name

जैसा की हम सब जानते हैं की हमारे शरीर के प्रत्येक अंग हमारे जीवन-शैली के लिए अत्यंत महवत्वपूर्ण है। जो हमारे किसी न किसी कार्यों में उपयोग होते हैं। इन सभी अंगों का हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है।

इनमे से यदि कोई भी अंग न रहे तो हमें अपना शरीर अधूरा सा लगता है। तो आज हम बात करते है अपने हाथों के उंगलियों के नाम के बारे में। हम सब जानते हैं की हमारे शरीर में दो हाथ होते है और प्रत्येक हाथ में पांच उंगलियां होती है जिससे के हमारे शरीर में कुल दस उंगलियाँ होती है। 

fingers name in hindi उंगलियों के नाम

दोस्तों आज हम जानेंगे की इन उंगलियों के नाम के अनेक कार्य और इनके नाम, और उनके मतलब क्या होते है तथा इनसे जुडी कुछ विशेषताएं जिससे की हमें इन उंगलिओं के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त हो। उंगलियों के नाम हम सभी को पता होना चाहिए क्योंकि अगर कभी हमारे बच्चों ने हमसे ये सवाल कर लिए की उंगलिओं के नाम बताइये तो हमें पता होना चाहिए और उन्हें बता सके जिससे बच्चों का आत्मबल भी बढ़ेगा और इसी तरह उन्हें भी नए चीज़ों के प्रति जानकारी इक्कठा करने की रूचि बढ़ेगी। 

हमारे उंगलियाँ केवल उंगलियाँ नहीं है बल्कि इसके अलग अलग उपयोगिता है जो हमें भिन्न भिन्न कार्य को करने में हमारी सहायता करते हैं। यह हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है जिसके न रहने पर हम बहुत से कार्यों को नहीं कर सकते है। 

साथ ही हमारे उंगलियों के मसाज के जरिये हम बहुत सारे स्वस्थ सम्बन्धी समस्याये भी दूर कर सकते है। इसे हम एक्यूप्रेशर कहते है। 

पांचों उंगलियों के नाम हिंदी में

  1. अंगूठा (Thumb)
  2. तर्जनी उंगली (Index Finger)
  3. मध्यमा उंगली (Middle Finger)
  4. अनामिका उंगली (Ring Finger)
  5. कनिष्ठा उंगली (Little Finger)

अंगूठा (Thumb)

हमारे हाथ के उंगलिओं में पहला ऊँगली ‘अंगूठा’ है जिसे हम अंग्रेजी में Thumb कहते हैं। अंगूठे का हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है।

  1. अंगूठे के मदद से ही हम किसी वास्तु को पकड़ के उठा सकते है। अगर हमारे उंगलियों में अंगूठा न रहा तो हम किसी भी वास्तु को उठा नहीं सकते। 
  2. जो व्यक्ति पढ़ना लिखना नहीं जनता हो/अनपढ़ हो, उस व्यक्ति के हस्ताक्षर के स्थान पर अंगूठे का उपयोग किया जाता है। 
  3. एक्यूप्रेशर के माध्यम से हमारे अंगूठे का सम्बन्ध हमारे शरीर के फेफड़ों से होता है।
  4. बहुत से स्थानों में अंगूठे को दिखा के चिढ़ाया जाता है और कहीं इसका ठीक उल्टा होता है हम अंगूठा दिखा के किसी को शुभकामनाये देते है। 
  5. अंगूठे का अकार अन्य उंगलियों के बनावट के अनुसार भिन्न होता है। 
  6. हम अपने अंगूठे को हल्के से मसाज कर के अपने दिल की धड़कनों को लय में ला सकते है। 
  7. अंगूठे को देख के हम किसी व्यक्ति के पर्सनॅलिटी और बॉडी लैंग्वेज के बारे में पता लगा सकते है। 
  8. हमारे अंगूठे के छोटे/पतले या मोठे आकर होने पर भी हम मनुष्य के मष्तिष्क के बारे में अनुमान लगा सकते है। यह सामान्य तौर पर हमारे हस्त रेखा के अध्ययन से जुडी है। कहा जाता है की अगर हमारा अंगूठा पतला है तो हमारी बौद्धिक क्षमता काम होती है ओट अगर हमारा अंगूठा विक्सित है तो हमारी बौद्धिक क्षमता अच्छी है। 

तर्जनी उंगली (Index Finger)

हमारे हाथ के उंगलियों में अंगूठे के बाद दूसरी ऊँगली का नाम ‘तर्जनी उंगली’ है जिसे हम अंग्रेजी में Index Finger कहते है। इस ऊँगली का भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान है जिसे हम निचे देखेंगे। 

  1. हमें अगर कलम पकड़नी हो तो हमें अपने तर्जनी ऊँगली का उपायगा करना ही पड़ता है, बिना तर्जनी ऊँगली के हम कलम को न तो ठीक से पकड़ सकते हैं और न ही हम कुछ लिख सकते है। इसके साथ ही और भी अन्य कार्यों में इस ऊँगली का उपयोग होता है। 
  2. हमारे हाथ के सभी उंगलियों में हम सबसे ज्यादा अगर किसी ऊँगली का उपयोग करते हैं तो वो हमारी तर्जनी ऊँगली ही है जिसका सबसे ज्यादा उपयोग होता है। 
  3. सामान्य तौर पर हम किसी वास्तु या किसी मनुष्य को अंकित करने या दर्शाने के लिये इस ऊँगली का उपयोग करते है। या फिर अगर हमें किसी को दिशा दिखानी है तो भी इस ऊँगली का इस्तेमाल होता है। 
  4. योगा करते समय हम भिन्न मुद्रा करने के लिए अपनी तर्जनी ऊँगली का सबसे ज्यादा उपयोग करते है। 
  5. यह ऊँगली हमारे शरीर के वायु तत्त्व (Intestinal tract) से जुडी होती है, जैसे अगर कभी किसी के पेट में दर्द महसूस हो रहा है या हमारे Intestine से सम्बंधित कोई समस्या हो तो हम इस ऊँगली को घिसे तो हमें अवश्य लाभ होगा। 
  6. हमारे हथेली के हस्तरेखा के अनुसार तर्जनी ऊँगली के प्रथम भाग में मनुष्य की भौतिकता, दूसरे भाग में मनुष्य की बुद्धि और तीसरे भाग में उनकी मानसिकता का ज्ञान होता है। 
  7. इस ऊँगली के निचे के उभरे भाग को गुरु पर्वत भी कहते है। कहा जाता है की जिस व्यक्ति की तर्जनी ऊँगली छोटी या अविकसित होती है वह व्यक्ति निर्दयी और स्वार्थी स्वाभाव का होता है और जिसकी ऊँगली विक्सित या लम्बी होती है उस व्यक्ति को ज्ञानी और खुले दिल का मन जाता है। 

मध्यमा उंगली (Middle Finger)

हमारे हाथ के उंगलियों में तर्जनी ऊँगली के बाद तीसरी ऊँगली का नाम ‘मध्यमा उंगली’ है जिसे हम अंग्रेजी में Middle Finger कहते है। अंगूठे और तर्जनी उंगली की तरह इस ऊँगली का भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान है जिसके तथ्य हम निचे देखेंगे। 

  1. यह ऊँगली हमारे हाथ के उंगलियों में से सबसे लम्बी ऊँगली होती है। 
  2. मध्यमा ऊँगली आकर और लम्बाई में सभी उंगलियों से बड़ी होती है जो की तर्जनी ऊँगली और अनामिका ऊँगली के मध्य में होती है। 
  3. यह ऊँगली हमारे हथेली के बिच में होती है इसलिए इस ऊँगली को हम अंग्रेजी में middle finger कहते है। 
  4. कहा जाता है की जिस व्यक्ति के मध्यमा ऊँगली की लम्बाई तर्जनी ऊँगली और अनामिका ऊँगली से आधा इंच लम्बी हो तो वह गलत सांगत में जल्दी पद जाता है और जिसकी ऊँगली गांठदार या फूली हुई है तो वह स्वार्थी स्वाभाव का होता है। 
  5. कहा जाता है की इस ऊँगली का विकास सामान्य रहे तो वह व्यक्ति अच्छे और सौम्यता स्वाभाव के होते है 
  6. इस ऊँगली का संबंध हमारे शरीर के रक्त्चाप (ब्लड सर्कुलेशन) से है जिसका संबंध हमारे अच्छी सेहत से भी होता है। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर अत है तो इस ऊँगली को हलके से घिसने से हमें राहत मिलती है। 

अनामिका उंगली (Ring Finger)

हमारे हाथ के उंगलियों में मध्यमा ऊँगली के बाद चौथे स्थान की ऊँगली का नाम ‘अनामिका उंगली’ है जिसे हम अंग्रेजी में Ring Finger कहते है। अनामिका उंगली से जुड़ी कुछ मत्वपूर्ण बातों को निचे पढ़ते हैं।

  1. अनामिका ऊँगली हाथ के उंगलियों में मध्यमा उंगली के बगल में होती है।
  2. इस ऊँगली को हम अंग्रेजी में Ring Finger इसलिए भी कहते है क्योंकि शादी व् सगाई की अंगूठी को इसी ऊँगली में पहनी जाती है। 
  3. आध्यात्मिक रूप से इस ऊँगली को बहुत ही शुभ और धार्मिक माना जाता है क्योंकि इस ऊँगली से टिका लगाया जाता है और इस ऊँगली के मदद से हम पूजा में हवन भी करते हैं। 
  4. इस ऊँगली की लम्बाई तर्जनी ऊँगली के बराबर ही होती है। 
  5. अनामिका ऊँगली को मसाज करने से और थोड़ा खींचने से जिन लोगो को जरा सी बात पे नाराज़ होना या चीड़ जाना या दिमागी अस्थिरता होती है उनके मानसिकता को स्थिरता प्राप्त होती है। 
  6. अगर किसी व्यक्ति के अनामिका ऊँगली के नाख़ून पर सफ़ेद चिन्ह हो तो ऐसा मन जाता है की उस व्यक्ति के घर में बदलाव आएगा और यदि कला चिन्ह हो तो उसके कारन घर में बदनामी आएगी या अपयश होगा। 

कनिष्ठा उंगली (Little Finger)

हमारी सबसे छोटी ऊँगली को हम हिंदी में ‘कनिष्ठा उंगली’ कहते है और इसे हम अंग्रेजी में Little Finger भी कहते है। कनिष्ठा उंगली से जुड़ी कुछ मत्वपूर्ण बातों को निचे जानते हैं।

  1. हमारे हाथ की सबसे आंखरी ऊँगली को हम कनिष्ठा ऊँगली (little finger) कहते है। 
  2. छोटी ऊँगली का संबध जल तत्व से होता है, जो की किड़नी और सर से जुड़ा हुआ है। 
  3. इस ऊँगली को हल्का हल्का दबाने से हमें मस्तिष्क के दर्द से छुटकारा पा सकते है जिससे हमें बहुत ही आराम मिल सकता है। 
  4. यह उंगली अनामिका ऊंगली की सहयता करती है।
  5. शुरू से जिन लोगों के कनिष्ठा उंगली के नाख़ून में सफ़ेद दाग होता है उन लोगों को व्यवसाय में बहुत सफलता मिलती है और अगर वह दाग काला हुआ तो उसे हम असफलता का प्रतिक मानते है। 
  6. जिन लोगों की छोटी ऊँगली बहुत ही छोटी होती है वे लोग मन से बेहद भावुक होते हैं। खासतौर पे महिलाओं की छोटी ऊँगली छोटी होती है जिसके कारण वे पुरुषों के तुलना में ज्यादा भावुक होती हैं।